डिस्टेंस एजुकेशन की एबीसी

डिस्टेंस एजुकेशन उन लोगों के लिए अमृत-तुल्य है जो रेगुलर पढाई किसी भी कारण से ज्वाइन नहीं कर सकते!
इन कारणों में ज्यादा फीस न दे पाना, समय की कमी इत्यादि गिनाए जा सकते हैं. निश्चित रूप से दूरस्थ शिक्षा प्रणाली, रेगुलर कॉलेज से कई मायनों में बेहतर साबित होती है

कई बार ऐसा भी होता है कि 12वीं में बेहतर मार्क ना होने की वजह से बेहतर कॉलेज या आप जो चाहते हैं उस कोर्स में एडमिशन नहीं मिल पाता है. ऐसे में डिस्टेंस एजुकेशन आपकी समस्या का हल निकालने में आपकी मदद करता है. सच कहा जाए तो कई मायनों में डिस्टेंस एजुकेशन रेगुलर पढ़ाई से बेहतर साबित होता है. पर कैसे… आइए जानते हैं!

डिस्टेंस एजुकेशन में कब और कहां से पढ़ाई पूरी करनी है, यह पूरी तरह से आप खुद तय कर सकते हैं. इसके अलावा अगर 12वीं में आपके कम मार्क्स हैं तो भी आप जो कोर्स करना चाहते हैं उस में एडमिशन मिल जाता है.

इसके अतिरिक्त सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि अगर आप गांव में या किसी ऐसे शहर में हैं, जहां आप का मनचाहा कोर्स या कॉलेज नहीं मिल रहा है तो आप किसी दूसरे शहर या किसी दूसरी मनचाही यूनिवर्सिटी से डिस्टेंस एजुकेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं. अब तो बड़ी से बड़ी यूनिवर्सिटी कई शहरों में अपने एग्जाम सेंटर्स के माध्यम से परीक्षाएं आयोजित करती है, तो ऐसी स्थिति में आप अपने पास के किसी सेंटर में जाकर एग्जाम दे सकते हैं.

इन कोर्सेज को करते हुए आप अपनी और अपने परिवार की आर्थिक मदद भी कर सकते हैं. ऐसी नौबत कई बार आती है कि बच्चे फुल टाइम कोर्स करने की जगह डिस्टेंस एजुकेशन इसलिए ही चुनते हैं, ताकि वह जॉब भी करते रहें और उनकी पढ़ाई भी चलती रहे.

Pic: srigayatri

ग्रामीण पृष्ठभूमि के गरीब बच्चों के लिए डिस्टेंस एजुकेशन अमृत-तुल्य है. वह जहां दिन भर जॉब कर सकते हैं, वहीं शाम को पढ़ाई कर सकते हैं और एग्जाम के समय में परीक्षा देकर आगे के रास्ते पर भी बढ़ सकते हैं. जैसे ही आपका कोर्स खत्म होता है, तब आपके पास वर्क एक्सपीरियंस भी बेहतर हो जाता है और इस तरीके से आप अपने क्षेत्र में अपना स्थान बना सकते हैं.

हालांकि डिस्टेंस एजुकेशन लेते समय आपको कुछ सावधानियां भी अवश्य बरतनी चाहिए. अगस्त 2018 में यूजीसी यानी यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन ने 35 यूनिवर्सिटीज के ओपन कोर्स प्रोवाइड करने की अफिलिएशन खत्म कर दी थी.
हालांकि बाद में उन्हें स्पष्टीकरण देने के लिए 1 महीने का समय भी दिया गया, तो अगर आप भी डिस्टेंस एजुकेशन में एडमिशन ले रहे हैं, तो यह देख लें कि आप जिस कोर्स में एडमिशन ले रहे हैं, उसकी मान्यता है कि नहीं!
जानना ज़रूरी है कि जिस यूनिवर्सिटी से आप कोर्स कर रहे हैं, क्या उसकी दी गई डिग्री आपके लिए आगे के दिनों में वैलिड रहेगी कि नहीं?

इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (IGNOU – इग्नू) डिस्टेंस कोर्स कराने का सबसे बेहतर माध्यम माना जाता है. हालांकि दूसरी कई यूनिवर्सिटीज भी इस तरह के कोर्स को वैलिडिटी प्रदान करती हैं और यह समय-समय पर अपडेट भी होता रहता है. तो आप जानकारी लें और डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से अपनी दक्षता और डिग्री प्राप्त करें. जाहिर तौर पर यह प्रत्येक स्टूडेंट के लिए एक बेहतर विकल्प है.