भारत के ‘टॉप मेडिकल कॉलेज’

कहा जाता है कि एक भगवान ऊपर है और एक भगवान जमीन पर है. जमीन पर रहने वाले भगवान को डॉक्टर कहते हैं. आखिर उसके हाथ में मनुष्य का जीवन जो होता है. हालाँकि, डॉक्टर बनना इतना आसान नहीं होता है. इसके लिए आपको डॉक्टरी की कठिन पढ़ाई तो करनी ही पड़ती है, किंतु डॉक्टरी की डिग्री देने वाले कॉलेज में जाने के लिए भी आपको अथक मेहनत करनी होती है.

प्रत्येक वर्ष लाखों स्टूडेंट मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस, बीडीएस और दूसरे पीजी कोर्स में दाखिला लेने के लिए एनआईटी यानी नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट का एग्जामिनेशन देते हैं और प्राप्तांक के हिसाब से स्टूडेंट्स को अलग-अलग कॉलेज में दाखिला मिलता है.

वैसे मेहनतकश लड़के-लड़कियां सभी चाहते हैं कि उन्हें भारत के श्रेष्ठ मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिले. प्रश्न उठता है कि विभिन्न मानकों पर कौन से टॉप मेडिकल कॉलेजेस हैं. आइए जानते हैं…

एम्स, दिल्ली (AIMS)

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस की स्थापना 1956 ईस्वी में की गई थी. यह लगातार कई सालों से देश का सर्वश्रेष्ठ मेडिकल इंस्टिट्यूट माना जाता है. पहले इसका सेंटर सिर्फ दिल्ली में ही था, लेकिन अब एम्स के दिल्ली सेंटर के अलावा गुंटूर, भोपाल, नागपुर, जोधपुर, भुवनेश्वर, पटना, ऋषिकेश, रायपुर जैसे कैंपस में एडमिशन मिलता है. मेरिट के आधार पर स्टूडेंट्स को सुविधा होती है कि वह अपने पसंद का कैंपस चुन सके. वैसे यहां से निकलने वाले डॉक्टर्स की पूछ पूरे विश्व भर में बनी रहती है.

सीएमसी, वेल्लोर (CMC)

1900 में स्थापित यह प्राइवेट रिसर्च इंस्टीट्यूट क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज के नाम से जाना जाता है. तमिलनाडु के वेल्लोर में डॉक्टर एमजीआर मेडिकल यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड यह कॉलेज टॉप मेडिकल कॉलेज माना जाता है. यहां पर मेडिकल, पैरामेडिकल, नर्सिंग, फार्मेसी, साइंस और डेंटल में 64 से अधिक कोर्सेज उपलब्ध हैं, जबकि 12 डिग्री कोर्सेज जैसे एमबीबीएस, बीएससी, डीपीटी, एमडी की डिग्री यहां से मिलती है. यहां पर भी स्टूडेंट एडमिशन लेने के लिए तरसते हैं.

एएफएमसी, पुणे (AFMC )

आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज के नाम से इस कॉलेज की स्थापना 1 मई 1948 को की गई थी. नीट (NEET) में पास होने के अलावा यह कॉलेज अपना एंट्रेंस एग्जाम आयोजित करता है. सशस्त्र सेवाओं में मेडिकल सुविधाएं देने के लिए इस कॉलेज का कोई मुकाबला नहीं है और इस कॉलेज में एक बार एडमिशन हो जाने के पश्चात किसी भी व्यक्ति का कैरियर सेटल माना जाता है.

जेआईपीएमईआर, पुडुचेरी (JIPMER)

जवाहरलाल इंस्टीट्यूट आफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च नामक इस इंस्टिट्यूट की स्थापना 1964 ईस्वी में की गई थी. 142 एकड़ के कैंपस में फैला यह इंस्टिट्यूट मेडिकल एजुकेशन में बेहद उम्दा कॉलेज माना जाता है. यहां पर अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रैजुएट कोर्सेज उपलब्ध है और तकरीबन 37 से अलग-अलग सब्जेक्ट में यहां डिग्री मिलती है. इतना ही नहीं, फुल टाइम पीएचडी प्रोग्राम्स में आठ अलग-अलग सब्जेक्ट में यहां डिग्री प्रोवाइड की जाती है.

एमएएमसी, दिल्ली (MAMC)

मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज देश का जाना माना मेडिकल संस्थान माना जाता है. इसकी स्थापना 1958 में की गई थी और 122 एकड़ में स्थापित इस कॉलेज में एमडी, एमएस, डीएम, एमबीबीएस इत्यादि कोर्स कराए जाते हैं. देश के बेहतरीन कॉलेजों में इसका नाम पहले से ही शामिल है और यहां से निकले डॉक्टर देश के प्रतिष्ठित डॉक्टरों में गिने जाते हैं.

एलएचएमसी, दिल्ली (LHMC)

लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की स्थापना 1916 में हुई थी. लगभग 68 एकड़ में फैले इस कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए नीट क्वालीफाई करना आवश्यक है. यहां के उम्मीदवारों को कॉलेज की पात्रता के मापदंड का ख्याल रखना आवश्यक है. पहले इस कॉलेज का नाम क्वीन मैरी कॉलेज एंड हॉस्पिटल था, लेकिन बाद में इसका नाम लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज किया गया.

मद्रास मेडिकल कॉलेज, चेन्नई

1835 में स्थापित इस कॉलेज में एमबीबीएस, बीपीटी, एमडी, एमएस, एम फार्मा, बीएससी इत्यादि की डिग्री प्रोवाइड की जाती है. मेडिकल क्षेत्र में बेहतरीन कैरियर बनाने वाले स्टूडेंट्स का यह पसंदीदा कॉलेज रहा है. वैसे भी यह भारत के सर्वाधिक पुराने कॉलेजेस में गिना जाता है

ग्रांट मेडिकल कॉलेज, मुंबई

1845 ई. में स्थापित इस कॉलेज में एमडी, एमएस, एम फार्मा एमबीबीएस, बीपीटी, एमएससी, डीएम, बीएससी इत्यादि कोर्स कराये जाते हैं. भारत के मेडिकल कॉलेज में इसका स्थान ऊपर है. ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम यहाँ चलाए जाते हैं, तो इस कॉलेज में एडमिशन के लिए नीट क्वालीफाई करना आवश्यक है.

Pic: akdn

कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, मणिपाल

केएमसी के नाम से मशहूर इस कॉलेज की स्थापना 1953 में की गई थी. 648 एकड़ के विशाल कैंपस में फैला यह कॉलेज एमडी, एमएस, एमएससी, डीएम, पीएचडी, एमबीबीएस इत्यादि कोर्स ऑफर करता है. यह प्राइवेट सेक्टर का पहला मेडिकल कॉलेज भी माना जाता है. यूं टॉप टेन मेडिकल कॉलेजों में इसका नाम शुमार किया जाता है.

श्री रामचंद्र मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, चेन्नई

1950 ईस्वी में स्थापित इस कॉलेज में लगभग सभी प्रमुख मेडिकल कोर्सेज कराए जाते हैं. चेन्नई के पोरूर डिस्ट्रिक्ट में स्थित इस कॉलेज में हेल्थ केयर से रिलेटेड तमाम उपलब्ध हैं.

इन कॉलेजेस के अलावा यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च सेंटर नई दिल्ली, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ, बेंगलुरु मेडिकल कॉलेज, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज लुधियाना इत्यादि भारत के प्रमुख मेडिकल कॉलेजेज के रूप में गिने जाते हैं और यहां से निकले डॉक्टर दुनिया के श्रेष्ठ डॉक्टर्स में शुमार किए जाते हैं.

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