क्या लेखक बनना एक बेहतर विकल्प है?

आज के समय में दुनिया तेजी से बदली है. इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी रेवोलुशन के बाद लोगों में यह धारणा मजबूत हुई है कि सूचना विकास का मूल है. मतलब अगर आपके पास सूचना है, तो आप विकास की दौड़ में आगे रहेंगे और अगर आपके पास सूचना नहीं है तो विकास की दौड़ में पीछे रहना आपकी नियति बन जाती है.
अब सवाल उठता है कि अगर सूचना चाहिए तो उसकी प्रस्तुति और सूचनाओं को क्रम में लाने वाले व्यक्ति चाहिए.

स्पष्ट शब्दों में कहें तो सूचनाओं को लिखने वाले लेखक भी चाहिए.

आज कोई भी वेबसाइट देख लीजिए, कोई भी एप्लीकेशन देख लीजिए या फिर किसी प्रोडक्ट की डिस्क्रिप्शन ही देख लीजिए. टेलीविजन, यूट्यूब चैनल और दूसरे वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफार्म पर बनने वाले वीडियोज की स्क्रिप्ट देख लीजिए, इन सभी के मूल में लेखक ही तो है!

पिछले दिनों ब्लॉगर और यूट्यूबर शब्द बड़ी तेजी से प्रचलित हुए हैं. जाहिर तौर पर यह सब लेखन के पेशे से ही जुड़े हुए शब्द और शब्दावलियाँ हैं.
ऐसे में क्या आपके मन में भी लेखक बनने का विचार आता है?

नहीं… नहीं… पुराने जमाने के लेखक की माली हालत पर मत जाइए कि झोला लटकाए, गरीब सा दिखने वाला व्यक्ति ही लेखक होता था!
सच कहा जाए तो अब यह एक कमाऊ प्रोफेशन बन चुका है.
पर बड़ा प्रश्न यह है कि आप कैसे एक सक्सेसफुल लिख बन सकते हैं? आइए जानते हैं…

ओरिजिनल पर जाइए

तमाम वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर आप ओरिजिनल्स का महिमामंडन लगातार देख रहे होंगे. उदाहरण दें तो नेटफ्लिक्स ओरिजिनल, यूट्यूब ओरिजिनल, अमेजॉन प्राइम ओरिजिनल्स इत्यादि. आप यह जान लीजिए कि जितना ओरिजिनल कंटेंट सामने आ रहा, उसे दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं.
अगर आप भी ओरिजिनल राइटिंग करते हैं, वही लिखते हैं जो आपने महसूस किया है, जो आपका नजरिया है, तो उसमें उतना ही नयापन रहेगा. अब दर्शक भी घिसी-पिटी चीजें देख कर बोर हो गए हैं. वह ऐसी चीजें नहीं पढ़ना चाहते हैं या नहीं देखना चाहते हैं, जो पहले से मौजूद है या उसके कंटेंट में नयापन नहीं है.

ऐसा भी नहीं है कि इस तरह का ओरिजिनल कंटेंट रचना कोई रॉकेट साइंस का काम है, बल्कि यह हमारे आपके जीवन से जुड़ी, हमारे आपके घर से निकला कंटेंट भी हो सकता है. स्कूल, कॉलेज या पढ़ाई से जुड़ी कहानियां हो सकती हैं, कार्यस्थल पर होने वाली कहानियां सकती हैं, आप जिन समस्याओं का सामना करते हैं उनसे जुड़ी हुई कहानियां हो सकती हैं. यह कंटेंट रोजमर्रा से जुड़ी हुई जानकारी भी हो सकती है, किंतु यह जान लीजिये कि वर्तमान में ओरिजिनल कंटेंट सफल लेखक होने की पहली शर्त है.

फोकस करें

आपने महाभारत काल की वह कहानी तो सुनी ही होगी कि अर्जुन द्रोणाचार्य के प्रिय शिष्य कैसे बने?
बचपन में जब पांडव और कौरव राजकुमारों की गुरु द्रोणाचार्य परीक्षा ले रहे थे, तब बाकी सभी लोगों ने चिड़िया की आंख को छोड़कर सब कुछ देखा, किंतु अर्जुन को सिर्फ चिड़िया की आंख ही दिखलाई पड़ी और यहीं से शुरु हुई अर्जुन के विश्व का महानतम धनुर्धर बनने की कहानी.

अब आप जो कुछ भी महसूस करते हैं, किंतु सब कुछ आप नहीं लिख सकते. सब कुछ लिखने के प्रयास में आप किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल नहीं कर पाएंगे, खासकर शुरुआत में!

आपको किसी खास सब्जेक्ट का चयन करना चाहिए, किसी खास कैटेगरी का चयन करना चाहिए, उसमें भी आप का पक्ष किस क्षेत्र में ज्यादा मजबूत है, यह समझना आवश्यक है.
जैसे क्या आप रोमांच के पक्ष को ज्यादा अच्छे से उभार पाते हैं, क्या आप इनफॉरमेशन के पक्ष को अच्छे से उभार पाते हैं? क्या आप इमोशन के पक्ष को अच्छे ढंग से सामने ला पाते हैं, क्या आप लोगों की पीड़ा को बेहतर ढंग से अभिव्यक्ति दे सकते हैं, क्या आप पारिवारिक मुद्दों को ठीक से समझते हैं, क्या आप सामाजिक – प्रशासनिक – राजनीतिक – आर्थिक या ऐसे ही किसी अन्य विषय को आप ज्यादा समझते हैं?

किस विषय पर आप ज्यादा रुचि रखते हैं, सफल लेखक बनने के लिए आपका यह समझना बेहद आवश्यक है. आपको सलाह दी जाती है कि किसी एक सब्जेक्ट पर, किसी एक पक्ष पर आप फोकस करें, ठीक अर्जुन की तरह!

धीरे-धीरे उस सब्जेक्ट में, उस खास पक्ष पर आप की पकड़ बनती चली जाएगी और एक समय ऐसा भी आएगा कि उस सब्जेक्ट में आप एक्सपर्ट के तौर पर पहचाने जाएंगे.

पढ़ना और फीडबैक लेना

यह बेहद आवश्यक कड़ी है सफल लेखक बनने की.
ओरिजिनल चीजों की रचना करने का यह मतलब कतई नहीं है कि उस पार्टिकुलर सब्जेक्ट पर मौजूद पहले के कंटेंट को आप पढ़े ही ना!

ध्यान रहे, जितनी ज्यादा आप स्टडी करते हैं जितना ज्यादा आप गहराई में जाते हैं, उतनी ही गहराई आपकी सोच के साथ-साथ आपकी लिखावट में भी आती है. ज़ाहिर तौर पर ज्यादा पक्षों को समझने पर आप एक बेहतर लेखक बनने की दिशा में स्वतः ही बढ़ते चले जाते हैं.

इसके साथ ध्यान देने वाली बात यह भी है कि आपकी लेखनी कोई एक दिन में बेहतर नहीं हो जाएगी. मात्र एक दिन में ही आप लोगों के मनोभावों को पकड़ लेंगे, ऐसा चमत्कार एक तरह से नामुमकिन ही होता है, किंतु अगर आप लगातार लगे रहे, लगातार लोगों से फीडबैक लेते रहे, अपनी कमियां खुद निकाल कर उसे दुरुस्त करते रहे, तो कोई कारण नहीं है कि एक समय पर लोगों के सर पर आप की दीवानगी चढ़कर बोलेगी.

सही ऑडियंस तक पहुंचना आवश्यक है

आप कल्पना कीजिए कि आप कोई रोमांटिक स्टोरी लिख रहे हैं, तो यह सोचना आपकी ही ड्यूटी है कि उस स्टोरी में किसकी रुचि होगी?
आखिर उस कंटेंट का टारगेट ऑडियंस किस एज ग्रुप का होगा, उस का जेंडर क्या होगा, वह किस समय में कंटेंट को कंज्यूम करता है, किस प्लेटफार्म पर आपका ऑडियंस मिलेगा, जिसके लिए आप कंटेंट तैयार कर रहे हैं!
इसे आप बेहतरीन मार्केटिंग कह सकते हैं.

ध्यान रखिए यह डिजिटल मीडिया का टाइम है और डिजिटल मीडिया किसी समुद्र से कम नहीं है, तो ब्लाइंड मार्केटिंग करने से बचें और कोशिश करें कि कम मेहनत में बेहद फोकस ढंग से टारगेट ऑडियंस तक आपका कंटेंट पहुंचे. इसके अलावा आप अपने लेखन पर उस क्षेत्र में पहले से लिख रहे लोगों, वरिष्ठों से कमेंट ले सकते हैं, किताब लिखी है तो उस पर रिव्यू प्राप्त कर सकते हैं और इस तरीके से आप बेहतर लेखक बनने की दिशा में अग्रसर हो जाएंगे.

ध्यान रखिए आप 1 दिन में बहुत बड़े लेखक नहीं बनने वाले हैं, इसलिए नियमित अभ्यास जारी रखें और कोशिश करें कि कम शब्दों में अपनी बात कहें. चूंकि आज के समय में लोगों के पास समय कम है.
इसलिए अगर आवश्यक नहीं है तो सामान्य लेखों में शब्द सीमा कम रखें.

लोगों की पसंद / नापसंद का ख्याल रखें और इस तरीके से आप एक लोकप्रिय लेखक बन सकेंगे.
ध्यान रहे, लेखक जो लिखता है, उसे उसका महसूस करना भी उतना ही आवश्यक है, क्योंकि अगर लेखक मनोभावों को महसूस नहीं करेगा तो उसे उभारना उसके लिए बेहद कठिन होता है.

आप क्या सोचते हैं?
अच्छे लेखक के रूप में कैरियर बनाने वाली यूथ को आपकी क्या सलाह होनी चाहिए?
कमेंट-बॉक्स में आपके विचारों का स्वागत है.