हर नौकरी से ‘रिजेक्ट’ हुए जैक मा की प्रेरक कहानी

क्या आप कभी इस बात की कल्पना कर सकते हैं कि चीन के सबसे अमीर व्यक्ति जैक मा हर उस नौकरी से रिजेक्ट हुए थे जो उन्होंने अपने शुरूआती दिनों में अप्लाई किया था.

अपनी रोजी-रोटी के लिए जिस नौकरी को वह अप्लाई करते थे, वहीं से वह रिजेक्ट हो जाते थे. इतना ही नहीं, वह स्कूल की शुरुआती परीक्षाओं को भी पास नहीं कर पाते थे. पांचवी में दो बार, आठवीं में 3 बार और विश्वविद्यालय के लिए प्रवेश परीक्षा तक वह पास नहीं कर पाए थे. हावर्ड यूनिवर्सिटी में भी उन्होंने एडमिशन लेने की कोशिश की, लेकिन 10 बार उन्हें रिजेक्ट किया गया.

…पर क्या उन्होंने हार मानी?
नहीं! अपनी असफलता के बाद उन्होंने सफलता की ऐसी कहानी गाढ़ी, जो संपूर्ण विश्व में एक नजीर बन गई.

जैक मा के जीवन से जुड़ा एक वाकया सामने आता है. तब केएफसी चीन में उनके शहर में अपनी फ्रेंचाइजी खोलना चाहती थी और उस वक्त 24 लोगों ने नौकरी के लिए अप्लाई किया था. आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि उन 24 लोगों में से 23 लोग नौकरी के लिए चुन लिए गए और मात्र जैक मा को ही उस नौकरी के लिए रिजेक्ट कर दिया गया था.

जरा सोचिए ऐसी स्थिति में उस युवक के दिमाग पर क्या असर पड़ा होगा?

जैक वैसे तो एक गरीब परिवार में जन्मे थे किंतु बचपन से ही उन्हें इंग्लिश बोलने का बड़ा शौक था. अच्छे स्कूल में पढ़ने के लिए उनके पास पैसे भी नहीं थे, लेकिन उनके शहर में जो टूरिस्ट आते थे, उनके साथ रहकर वह उन्हें शहर घुमाने लगे और उनसे ज्यादा से ज्यादा अंग्रेजी में बात करते लगे.

इस तरीके से अंग्रेजी सीखने का उनका शौक भी पूरा हुआ और उन्हें आमदनी भी होने लगी. चीन में तब भी और आज भी अंग्रेजी सीखना अनिवार्य नहीं है, लेकिन यह जैक मा का अपना शौक था जो उन्हें आगे ले गया. इससे सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि वह पश्चिमी मानसिकता समझने लगे थे और इसकी समझ ने उनके कदम तकनीक की ओर बढ़ाए.

बाद के दिनों में जैक ने पुलिस की नौकरी के लिए अप्लाई किया था, किंतु वह असफल हुए. साथ ही उन्हें दूसरी असफलताएं भी मिलीं. इन सब के बावजूद भी वह निराश नहीं हुए और कॉन्फिडेंस के साथ आगे बढ़ने लगे. इस तरीके से वह हंजाऊ यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी के लेक्चरर बनने में सफल रहे. 6 साल उन्होंने वहां इंग्लिश पढ़ाया.

फिर अंतरराष्ट्रीय व्यापारी दियानाई के साथ वह 2 साल के लिए जुड़े. पर वह नौकरी के लिए नहीं बने थे, इसलिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी.
उस वक्त उन्होंने इंटरनेट के बारे में सुना था और अपने दोस्त की मदद से जब वह अमेरिका गए तो वहां इंटरनेट के प्रभाव को उन्होंने देखा.
वहीं उन्होंने सबसे पहले इंटरनेट पर बियर के बारे में सर्च किया था और इसका परिणाम जब उन्होंने देखा तो वह उन्हें भीतर तक रोमांचित कर गया.

इंटरनेट पर उन्होंने अपने देश चीन के बारे में ढूंढना चाहा लेकिन वहां उन्हें कुछ खास जानकारी नहीं मिली. बस यहां से आइडिया जनरेट हो गयी कि अपने देश के लिए वह ऐसी वेबसाइट बनाएंगे जिसमें वहां से संबंधित तमाम जानकारियां मौजूद होंगी. अपने दोस्त की मदद से अग्ली नामक एक वेबसाइट बनाई. फिर चाइना येलो पेजेज नामक एक कंपनी बनाई पर इसमें उन्हें नुकसान उठाना पड़ा और उनके तमाम पैसे डूब गए.

इसके बाद कुछ दोस्तों ने फिर उनका साथ दिया और alibaba.com की नींव पड़ी. इसके बाद कई सारे इन्वेस्टर भी अलीबाबा में पैसे लगाने लगे और इसके बाद दुनिया की मशहूर कंपनियों में इसका नाम शामिल हो गया. अलीबाबा के अलावा भी उन्होंने कई कंपनियां शुरू की लेकिन उनकी पहचान अलीबाबा से बनी हुई है.

जाहिर तौर पर यह कहानी हर उस बच्चे के लिए बड़ी प्रेरणा है जो शुरुआत में असफल होता है, जिसे कुछ समझ में नहीं आता है, जो यहां वहां रिजेक्ट होता है!
जैक मा की कहानी निश्चित रूप से ऐसे लोगों के लिए अमृत का काम करेगी.

आप क्या कहेंगे एक रिजेक्टेड व्यक्ति की असाधारण सफलता पर?