कठिन विषयों को याद कैसे करें?

यह समस्या अधिकांश विद्यार्थियों के साथ आती है. वह चीजों को पढ़ते हैं, लेकिन जब एग्जाम में लिखने की बारी आती है, तब उन चीजों को भूल जाते हैं. जाहिर तौर पर हमारी जो परीक्षा प्रणाली है, उसमें चीजों को मेमोराइज करना और उसे परीक्षा में लिखना योग्यता की प्रथम शर्त मानी जाती है.

सवाल उठता है कि क्या चीजों को कंठस्थ करना इतना ज्यादा कठिन है कि लोग-बाग इससे परेशान रहते हैं या कुछ खास विधियों को आजमा कर हम चीजें ना याद होने की अपनी प्रवृत्ति पर एक हद तक ही सही नियंत्रण कर सकते हैं! आइए देखते हैं…

जोर-जोर से बोल कर पढ़ें

आपने छोटे बच्चों के स्कूल में देखा होगा कि किस प्रकार से जोर-जोर से बोल कर उन्हें पढ़ाया जाता है और उन्हें काउंटिंग से लेकर टेबल और बाकी कई सारी चीज अपने आप ही याद हो जाती है. अगर आप चुपचाप कोई चीज पढ़ते हैं और जोर-ज़ोर से पढ़ते हैं तो बोल-बोल कर याद की गई चीजों के याद रहने की संभावना अधिक हो जाती है. साइंटिफिक भाषा में बात करें तो इस मेथड से हमारा ब्रेन इनफॉरमेशन को ज्यादा कैप्चर करता है. इसके अतिरिक्त शीशे के सामने बैठकर पढ़ना भी चीजों को मेमोराइज करने में आपकी सहायता कर सकता है. एक बार जब आप किसी चीज को याद करते हैं तो उसे बिना किताब देखे आप दोहराने का प्रयत्न अवश्य करें.

शॉर्ट नोट्स बनाएं

आप किसी भी किताब या चैप्टर के टॉपिक को पढ़ते हैं, तो उसका एक छोटा नोट बनाएं. सबसे पहले आप उन चीजों को लिखें, जो आपने पढ़ी हैं. इस प्रक्रिया से आप चीजों को लंबे समय तक याद रख सकते हैं. वहीं दूसरी ओर आप पढ़ी गई तमाम चीजों का एक शॉर्ट नोट बनाएं और इस तरीके से आप चीजों को एफिशिएंट तरीके से रिवाइज कर सकते हैं. कल्पना कीजिए कि अगर कोई चैप्टर बहुत बड़ा है और उसे आप बार-बार रिवाइज करने जाएंगे तो इसमें काफी टाइम लगेगा, किंतु अगर आप उसका शॉर्ट नोट बना लेते हैं तो बड़ी आसानी से आपका दिमाग इसे याद रख पाएगा.
खासकर एग्जाम के दिनों में यह ट्रिक बहुत फायदेमंद होती है.

स्टिकी नोट्स

जी हां! महत्वपूर्ण चीजों का स्टिकी नोट बनाकर चाहे बोर्ड पर या किसी ऐसी जगह पर लगाएं, जहां आपकी नजर बार-बार पड़ती है. यह कोई मैथ का फार्मूला हो सकता है, इतिहास की कोई तारीख हो सकती है या फिर अंग्रेजी याद करने का कोई नियम हो सकता है. जब आप इन चीजों को स्टिकी नोट्स के तौर पर बार-बार देखेंगे तो इनके लंबे समय तक याद रहने की संभावना भी बढ़ेगी.

अपने फार्मूले विकसित करें

इसका एक उदाहरण देते हैं. बचपन में आपने इंद्रधनुष के कलर अवश्य याद किए होंगे. तब यह बड़ा मुश्किल लगता होगा और इस में प्रयोग होने वाले कलर्स याद करते समय निश्चित तौर पर ऊपर नीचे हो जाते होंगे, किंतु सभी कलर्स का फर्स्ट लेटर लेकर उस वक्त एक फार्मूला आपने देखा होगा VIBGYOR का! यह सामने आते ही आसानी से आपको इंद्रधनुष का कलर याद हो गया होगा.

ठीक ऐसे ही अगर कोई बड़ी इंफॉर्मेशन है तो उसे याद करने के लिए आप निमोनिक्स का सहारा ले सकते हैं. यह स्मरण-शक्ति बढ़ाने का अनोखा विज्ञान है और जब आप कोई फार्मूला बनाते हैं या आप कोई पैटर्न प्रयोग में लाते हैं, तब चीजें लंबे समय तक ना केवल याद रहती हैं, बल्कि यह दूसरों की भी हेल्प करती हैं.

डिजिटल माध्यमों का प्रयोग करें

कई बार कुछ चीजें आपको याद नहीं होती हैं, तो क्यों न किताब पढ़ते समय उनको मोबाइल में रिकॉर्ड करें और खाली समय में म्यूजिक की तरह उन्हें सुनें. ऐसे में आपका अवचेतन मस्तिष्क (Unconscious Mind) इन बातों को याद रख पाएगा.
आप चाहे कहीं जा रहे हों, या आप बिस्तर पर आराम कर रहे हों, इस विधि से चीजें आपको आसानी से याद हो जाएंगी. इसमें एफर्ट भी कम ही लगता है.

पिक्चराइजिंग

कहा जाता है कि एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है. तो क्या कभी आपने गौर किया है कि कोई एक तस्वीर देखकर आपको पूरी कहानी याद आ जाए?

हमारा दिमाग विजुअल फॉर्मेट में 60000 गुना ज्यादा तेजी से इनफॉरमेशन को प्रोसेस करता है, टेक्स्ट की तुलना में. ऐसे में किसी पैराग्राफ को आप पिक्चर या फ्लोचार्ट में कन्वर्ट करके अपने माइंड को चीजों को बेहतर ढंग से याद करने में मदद कर सकते हैं.

चर्चा करना

किसी सब्जेक्ट पर, किसी टॉपिक पर, किसी लेशन पर आप अपने सहपाठियों से, अपने टीचर से, ट्यूशन टीचर से या अपने मॉम-डैड से चर्चा कर सकते हैं. कई बार कुछ बच्चे चीजों को तार्किक ढंग से समझना चाहते हैं, ऐसे में ग्रुप डिस्कशन एक बेहतर विकल्प है.
चीजों पर आप जितनी गहराई से चर्चा करते हैं, तो किसी टॉपिक या लेसन के छुपे हुए पक्ष भी आपके सामने आते हैं और जब आप उन पर तर्क देते हैं या तर्क सुनते हैं तो बहुत मुमकिन होता है कि वह चीज आपको हमेशा-हमेशा के लिए याद रह जाए.

खुद का टेस्ट लें (मॉक टेस्ट)

एग्जाम में बेहतर परफॉरमेंस के लिए मॉक टेस्ट सबसे बेहतर विकल्प है. आपको कितना याद है और क्या चीज आप भूल रहे हैं, इसका मॉक टेस्ट अवश्य लें. यह आपकी तैयारी को आपके सामने खोल कर रख देगा. जब आप ओरल या रिटेन मॉक टेस्ट लेते हैं, तब सब्जेक्ट पर आप की पकड़ बड़े साफ़ ढंग से सामने आ जाती है.

Pic: tutormandarin

सोने से पहले चीजों को रिकॉल करें

अक्सर आप गौर करते होंगे कि भारतीय कल्चर में सोने से पहले मंत्र बोलना या भगवान को याद करना या फिर दिन भर की गतिविधियों को रिवाइज करने को कहा जाता है.
यह वह स्थिति होती है, जब आपका दिमाग शांत अवस्था में पहुंचने वाला होता है और अगर उस वक्त आप महत्वपूर्ण चीजों को रिकॉल करते हैं, उन्हें रिवाइज करते हैं तो बहुत मुमकिन होता है कि वह आपके मस्तिष्क में स्थाई हो जाए. ध्यान रहे, रिवीजन करने के अलावा बहुत कम ऐसे विकल्प हैं जो आपकी सहायता कर सकते हैं.
किसी चीज को याद करने का पुराना फार्मूला रिवाइज करना ही है.

नई टेक्निक और एप्लीकेशंस का प्रयोग करें

1 दिन में ना तो आपकी आदत बदलती है और ना ही आप किसी सब्जेक्ट के एक्सपर्टीज होते हैं. इसके लिए आपको नियमित अभ्यास करने की आवश्यकता होती है और यह स्थिति प्राप्त करने के लिए आपको विभिन्न एप्लीकेशन और मेथड्स को प्रयोग में लाना होता है. आज के समय में एक से बढ़कर एक सब्जेक्ट-वाइज वीडियो लेक्चर्स मौजूद हैं. बहुत मुमकिन है कि आपका क्लास टीचर या आपका ट्यूशन टीचर आपको बेहतर ढंग से ना समझा पाए, किंतु इंटरनेट पर जब आप दूसरे तरीके से और सरल भाषा में चीजों को देखते हैं तो आप आसानी से उसे याद कर पाते हैं. तो क्यों ना डिजिटल माध्यम का उपयोग करें और इंटरएक्टिव सेशन में अपने टॉपिक पर पकड़ बनाएं, उसे मेमोराइज करें.

तो देखा आपने…
चीजों को कंठस्थ करना इतना भी मुश्किल नहीं है. हां! आपको थोड़ा सावधान रहना जरूरी है और नियमित चीजों को फॉलो करते रहना भी जरूरी है. आप क्या सोचते हैं, कमेंट-बॉक्स में अपने विचार बताएं.

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